और ये प्यार ऐसा होता है कि हम इस के लिए कुछ भी कर सकते है, उसकी बातों से, आदतों से, सब से प्यार हो जाता है, वो हमारे जैसे हो या ना हो हम उसके जैसा जरूर हो जाते है. कुछ भी कह देते है.दायरे, मर्यादाएं, बंधन सब तोड़ देते है इसके लिए वो भी कहते है जो हम खुद आईने के सामने खड़े होकर भी नही बोल पाते.इतनी हिम्मत आ जाती है प्यार में.प्यार पागलपन वाला होना चाहिए..जो बस हो निस्वार्थ सा, ऐसा प्यार लम्बा चलता है...समझदारी वाला प्यार कुछ वक्त में ही खत्म हो जाता है...नाप तोल करने लगता है समझदारी वाला प्यार....या बंध जाता है वो खुद में ही सिमट कर दुनिया के डर से.....अगर कभी जिंदगी में प्यार करना तो पागलपन वाला करना ताकि सामने वाला अगर तुम्हें खो दे तो तुमसे ज्यादा तड़पे और रोये कि उसने क्या खोया है......
Saturday, September 18, 2021
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